रोहतांग दर्रा होकर सफर
करना अभी जोखिम भरा
बीआरओ के कर्नल अवस्थी ने कहा, सड़क किनारे है चार फीट बर्फ
अमर उजाला ब्यूरो
मनाली (कुल्लू)। बर्फ और तेज बर्फीली हवाओं से रोहतांग दर्रा होकर सफर करना जोखिम भरा है। सड़क के दोनों तरफ अभी चार फीट बर्फ जमी है। माइनस 12 डिग्री तापमान के बीच सफर करना जोखिम भरा हो सकता है। यह बात सीमा सड़क संगठन के कर्नल एके अवस्थी ने मनाली में पत्रकारों से कही। रोहतांग के दोनों छोर मढ़ी और कोकसर से गत 20 नवंबर को बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया गया था। बीआरओ के जवानों ने विपरीत मौसम और परिस्थितियों के बावजूद रोहतांग मार्ग को यातायात के लिए बहाल करने में सफलता हासिल की। अवस्थी ने कहा कि भविष्य में बर्फवारी होने पर लाहौल-स्पीति और कुल्लू उपायुक्त के साथ मिलकर रोहतांग मार्ग की जांच की जाएगी। इसके बाद ही रोहतांग पार करने की अनुमति दी जाएगी। कर्नल एके अवस्थी ने कहा कि इस वर्ष बीआरओ ने मनाली-सरचू मार्ग पर 50 किमी सड़क पर टारिंग की। कोकसर में 70 मीटर नए पुल का निर्माण किया गया। 30 मीटर मल्टीसेल बाक्स पुलिया बना कर स्थानीय लोगों को समर्पित की गई। मढ़ी के ब्यास नाला में नए पुल के निर्माण के साथ ही कोठी दो में 13.65 मीटर, 119 किमी पर कमांडर नाला पुल, 143.61 किमी पर दारचा पुल, 203.75 किमी पर योनाम पुल और 222.39 किमी पर सरचू पुल अगले वर्ष तक यातायात के लिए तैयार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 38 बीआरटीएफ द्वारा पुलियों, रिटेनिंग वॉल, ब्रेस्ट वाल और नालियों पर करीब 30 करोड़ खर्च कर रिकार्ड निर्माण कार्य को अंजाम दिया गया।
000