जिभी/बंजार (कुल्लू)। घाटी के अधिष्ठाता देवता शृंगा ऋषि विश्व के प्राचीन लोकतंत्र मलाणा में जमदग्नि ऋषि से मिलने के लिए मंगलवार को लाव लश्कर के साथ रवाना हुए। 24 वर्ष बाद देवता ऐतिहासिक मलाणा गांव की यात्रा के लिए निकले हैं। जमदग्नि ऋषि से देवता शक्तियां अर्जित करके वापस बंजार अपने देवालय लौटेंगे। देवता शृंगा ऋषि लारजी, भुंतर, जरी, मणिकर्ण, खीरगंगा होते हुए मलाणा पहुंचेंगे। मलाणा में पहुंचने पर दोनों देवताओं का भव्य देव मिलन होगा। इसके बाद देव परंपराओं का निर्वहन करने तथा शक्तियां अर्जित करने के बाद चंद्रखणी दर्रा, रूमसू, नग्गर, कुल्लू होते हुए वापस बंजार पहुंचेंगे। इससे पूर्व देवता शृंगा ऋषि का मलाणा दौरा 24 वर्ष पूर्व 1994 में हुआ था। इस दौरे में 23 दिन बाद शृंगा ऋषि बंजार वापस आए थे। इस बार भी अश्विन संक्रांति के आसपास उनके मलाणा पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। देवता शृंगा ऋषि के कारदार वीरेंद्र ने कहा कि मलाणा दौरे के दौरान देवता शृंगा ऋषि का पहला पड़ाव पनारसा में होगा। दूसरे दिन बुधवार को पनारसा से आगे देवता की यात्रा आरंभ होगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं ने देवता के स्वागत के लिए धाम का भी आयोजन किया है। वहीं, 24 वर्ष बाद हो रहे इस दौरे को लेकर हारियानों में काफी उत्साह है।