रैत (कांगड़ा)। आज मनुष्य संसार के भोग-विलास और रिश्ते-नातों में उलझा हुआ है लेकिन जब जीवन में संकट या काल का आक्रमण होता है तो कोई भी सांसारिक रिश्ता साथ नहीं देता। यह जीवन का सार दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से शाहपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास साध्वी भाग्यश्री भारती ने गजेंद्र प्रसंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को समझाया। इस दौरान उन्होंने जीवन की सच्चाई से लोगों को रूबरू करवाया। उन्होंने कहा कि संसार के रिश्ते स्वार्थ की नींव पर टिके होते हैं, जबकि ईश्वर ही ऐसा शाश्वत सहारा है जो मनुष्य को निर्भयता और जीवन को मजबूत आधार प्रदान करता है। कथा के उपरांत विनोद अग्रवाल, नवनीत शर्मा, वीपी शर्मा, सुरेंद्र सिंह कटोच और महेंद्र सिंह ने ज्योति प्रज्वलित करने की रस्म निभाई। अंत में श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया।