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Kangra News: चेक बाउंस के दोषी को दो साल का कारावास

Wed, 14 Aug 2024 03:01 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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पालमपुर(कांगड़ा)। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी उपासना शर्मा की अदालत ने दोषी व्यक्ति को चेक बाउंस के दो मामलों में सजा सुनाई है। दोनों मामले बैंक लोन से जुडे हुए हैं। आरोपी को दो मामलों में दो-दो साल की सजा और 16 लाख रुपये जुर्माना की सजा हुई है। ये सजाएं एक साथ चलेंगी। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी उपासना शर्मा की अदालत में दिलीप कुमार निवासी बनूरी पालमपुर को दो बैंक लोन के मामले में अलग-अलग सजा सुनाई गई है।
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पहले मामले में दिलीप कुमार की भाभी ने पंजाब नेशनल बैंक कंडबाड़ी शाखा से 40 लाख का लोन लिया था कुछ समय बाद पैसा न भरने की स्थिति में लोन केस खराब हो गया था। इस मामले में लोन की अदायगी के लिए दिलीप कुमार ने बैंक को पांच लाख रुपये का चेक दिया था। चेक को जब बैंक ने पेमेंट लेने के लिए प्रस्तुत किया तो यह चेक बाउंस हो गया। जिस पर बैंक ने दिलीप को इस बारे में सूचित किया। इसके बाद बैंक ने धारा 138 एनआई एक्ट के तहत आरोपी दिलीप कुमार को एक नोटिस भेजा, लेकिन इस नोटिस का न तो दिलीप ने कोई जवाब दिया और न ही पांच लाख बैंक में जमा करवाए।
इसके बाद बैंक ने धारा 138 एनआई एक्ट के तहत अदालत में दिलीप कुमार के खिलाफ मुकदमा किया। इसकी सुनवाई करते हुए मंगलवार को न्यायाधीश उपासना शर्मा की अदालत ने दिलीप कुमार को दोषी करार दिया। जिस पर उसे दो साल कारावास और आठ लाख बतौर जुर्माना सजा सुनाई है। दूसरे मामले में दिलीप कुमार ने पंजाब नेशनल बैंक कंडबाड़ी से स्वयं 15 लाख रुपये का लोन लिया था। लोन की कुछ किश्तें न भरने पर बैंक ने जब दिलीप से संपर्क किया तो दिलीप ने पांच लाख का चेक बैंक को लोन खाते में डालने के लिए जारी किया, लेकिन यह चेक भी बाउंस हो गया। इस पर बैंक ने अपने वकील के माध्यम से दिलीप कुमार को धारा 138 एनआई एक्ट के तहत नोटिस भेजा।
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नोटिस मिलने के बाद भी जब दिलीप ने बैंक को पैसा न दिया तो बैंक ने दिलीप कुमार के खिलाफ अदालत में केस दायर किया। अदालत ने इस मामले में भी दिलीप कुमार को दोषी करार दिया। इसमें भी दो साल का कारावास व आठ लाख बतौर जुर्माना की सजा सुनाई है। हालांकि, दोषी इन मामले में अपील कर सकता है। बैंक की वकील आदित्य घोघरा ने मामले की पुष्टि की है।
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