शाहपुर (कांगड़ा)। पूर्व अर्द्धसैनिक बल कल्याण संगठन जिला कांगड़ा की त्रैमासिक बैठक शनिवार को सामुदायिक भवन 39 मील में जिला उपाध्यक्ष बलदेव राणा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सर्वप्रथम सदस्यों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बलिदान हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और मौन रखा। बैठक में सदस्यों ने केंद्र सरकार के पास लंबित विभिन्न मुद्दों सहित सीएलएमएस (मदिरा) सीजीएचएस पर भी चर्चा की और सभी मांगों को शीघ्र पूरा करने की अपील की। साथ ही सदस्यों ने शिमला में सरकार की ओर से सैनिकों व बलिदानियों के परिवारों के सम्मान के लिए रखे गए जय हिंद कार्यक्रम में अर्द्धसैनिक बल के सदस्यों, बलिदानियों के परिवारों को आमंत्रित न करने पर रोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि सेना और अर्द्धसैनिक बल दोनों संसद की ओर से पारित अधिनियम के तहत संघ की सशस्त्र सेनाएं घोषित हैं। आजादी के बाद जितने भी युद्ध हुए हैं या देश की आंतरिक सुरक्षा में पैरामिलिट्री बल शौर्य, वीरता की अहम भूमिका निभाते रहे हैं। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष बलदेव राणा, कोषाध्यक्ष कुशल राणा, सचिव यशवीर सिंह, कर्म चंद, उत्तम ठाकुर, बिंता देवी, मुल्तान सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।