कोटला (कांगड़ा)। कोटला में टनल के पास फोरलेन कार्य के तहत लगाए पत्थरों के डंगे धंसने से दो घरों पर पेड़ गिर गए और इन परिवारों ने भाग कर अपनी जान बचाई। सोमवार देर शाम ग्राम पंचायत बलाह-कोटला के प्रवीण कुमार और संतोष कुमार के घरों पर पेड़ गिरे। इस दाैरान प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से इन घरों को खाली करवाया और परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा। इसके साथ ही यहां विद्युत विभाग की ओर से लगाए गए बिजली के खंभे भी गिर गए, जिससे कोटला गांव की विद्युत की सप्लाई शाम छह बजे से बंद हो गई। वहीं इस क्षेत्र में बने घरों, वन विभाग कार्यालय और राधास्वामी सत्संग भवन पर भी खतरा मंडरा रहा है।
उधर, प्रशासन से सोहल्दा का संपर्क बंद कर दिया गया है और गाड़ियों को कोटला की निर्माणाधीन सुरंग से भेजा जा रहा है। जानकारी के अनुसार फोरलेन निर्माण कार्य के तहत इस पहाड़ी पर पत्थरों की क्रेटवाॅल बनाई थी, जो अब धंस रही है।
फोरलेन निर्माण के चलते कंपनी की ओर से पत्थरों के क्रेट लगाए गए हैं और इस पहाड़ी में पानी का रिसाव होने के कारण भूमि लगातार धंस रही है, जिससे कुछ पेड़ दो घरों पर गिर गए हैं। हालांकि वहां रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। साथ ही आसपास के घरों में रह रहे लोगों को आगाह कर दिया गया है। यह हादसा अंधेरे में हुआ है, इसके असली कारणों का पता सुबह ही चल पाएगा।
कोविंद्र चौहान, नायब तहसीलदार, कोटला