धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की बसों में यात्रियों को अगले महीने से टिकट के कैशलेस भुगतान की सुविधा मिलेगी। सरकारी बसों में सफर करने वाले यात्री अब क्यूआर कोड स्कैन कर या एटीएम कार्ड स्वाइप करवा कर भी किराया चुका सकेंगे। इसके लिए लोगों को अब अपनी जेबों में पैसे रखने से छुटकारा मिलेगा। वहीं, परिचालक को भी बकाया राशि वापस करने के लिए परेशान होना नहीं पड़ेगा।
जैसे ही यात्री परिचालक को अपने बैठने के स्थान और गंतव्य के बारे में बताएगा तो मशीन में स्टेशन नंबर डालते ही क्यूआर कोड भी सामने आएगा, उसे स्कैन कर यात्री ऑनलाइन पेमेंट कर सकेंगे। इसके अलावा एटीएम कार्ड भी स्वाइप करवा सकेंगे। वहीं, नकद किराया देने की प्रक्रिया पहले की तरह रहेगी।
मौजूदा समय में एचआरटीसी की ओर से सभी बस डिपुओं के छोटे-बड़े स्टेशनों का डाटा ऑनलाइन फीड किया जा रहा है। इसके लिए एचआरटीसी के लिए निजी कंपनी हायर की गई है। स्टेशनों का नंबर किलोमीटर के हिसाब से फीड किया जाएगा। अगर कोई यात्री 10 किलोमीटर सफर करता है तो उससे 10 किलोमीटर के हिसाब से ही किराया लिया जाएगा। फिलहाल एचआरटीसी के परिचालकों को इस मशीन को चलाने के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
एचआरटीसी की सभी बसों में जल्द ही यात्रियों को नकदी के साथ-साथ ऑनलाइन किराया देने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए सभी स्टेशनों का डाटा फीड किया जा रहा है। जल्द ही नई मशीन से परिचालक ऑनलाइन किराया लेंगे। इससे सवारियों के साथ परिचालक को भी कैशलेस की सुविधा मिलेगी।
पंकज चड्ढा, डीएम, एचआरटीसी, धर्मशाला