संवाद न्यूज एजेंसी
लंबागांव (कांगड़ा)। कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों तो मुश्किलें भी रास्ता दे देती हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है लंबागांव खंड के टिक्करी गांव के ऋषभ धीमान ने। बचपन से ही नौसेना में अधिकारी बनने का सपना संजोए ऋषभ ने अपने हौसले और मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। साल 2005 में जब ऋषभ 13 वर्ष के थे तभी उनके पिता का निधन हो गया। जीवन में आई इस बड़ी विपत्ति के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने सपने को साकार करने का संकल्प लिया। कठिन परिस्थितियों से जूझते हुए उन्होंने वर्ष 2011 में भारतीय नौसेना में भर्ती होकर अपने सफर की शुरुआत की। मेहनत और दृढ़ निश्चय के बल पर 14 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद ऋषभ ने कमीशन पास कर नौसेना में सब लेफ्टिनेंट के पद पर पदोन्नति प्राप्त की। ऋषभ धीमान ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता बनीता और पत्नी नेहा को दिया है। उनका कहना है कि अगर कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो बड़ी से बड़ी बाधाएं भी आड़े नहीं आतीं।