पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष एवं सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि धर्मशाला के एक सरकारी कॉलेज में छात्रा की मौत ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना कोई सामान्य आत्महत्या नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही, शिक्षा तंत्र की संवेदनहीनता और प्रशासनिक चुप्पी का नतीजा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब समय रहते शिकायतें की गईं तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार की ये बातें केवल बयान नहीं, बल्कि सरकार के मुंह पर तमाचा हैं। परमार ने कहा कि परिजनों की ओर से लगाए गए रैगिंग, यौन उत्पीड़न और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप बेहद गंभीर हैं। यह साबित करते हैं कि सरकार केवल कागजों में छात्र सुरक्षा के दावे कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि कॉलेजों में एंटी-रैगिंग और यौन उत्पीड़न निरोधक समितियां आखिर किस काम की हैं। परमार ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच करवाई जाए। आरोपी प्रोफेसर, कॉलेज प्रशासन और लापरवाह पुलिस अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए। संवाद