लोअर लंबागांव स्थित राजमहल पैलेस में दशहरे उपलक्ष्य पर शस्त्र पूजा करते महाराज ऐश्वर्य कटोच व अ
जयसिंहपुर (कांगड़ा)। लोअर लंबागांव स्थित राजमहल में दशहरे पर कटोच राजवंश की परंपरा के अनुसार शस्त्र और अश्व पूजा की गई। महाराज ऐश्वर्य कटोच ने पत्नी टिकारानी कमलाक्षि कटोच और पुत्र टीकाराज अंबिकेश्वर कटोच के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। शस्त्र और अश्व पूजा कटोच वंश की परंपराओं और शौर्य का प्रतीक है। कांगड़ा का कटोच राजवंश प्राचीन त्रिगर्त राज्य से जुड़ा माना जाता है। राजपरिवार ने इस परंपरा के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पहचान को सहेजने का संदेश दिया। संवाद