बरियाल (कांगड़ा)। नगरोटा सूरियां की सुगनाड़ा पंचायत शुक्रवार को दर्द और शोक में डूबी रही, जब मासूम मानविक को दफनाया गया। माता-पिता और परिजनों ने रोते-बिलखते मानविक को अंतिम विदाई दी। गत वीरवार को गले में बादाम फंसने से उसकी मौत हो गई थी। गांव में हर आंख नम थी और हर मन विचलित था। रोजाना की तरह शुक्रवार को मानविक अपने दादा-दादी के साथ खेलने के बजाय इस बार कफन में लिपटा हुआ था। यह दृश्य हर किसी को झकझोर गया। गांव के लोग स्तब्ध थे कि एक मामूली सी घटना इतनी बड़ी त्रासदी में बदल गई। अंतिम संस्कार में शामिल हुए वरिष्ठ नागरिक डॉ. हरबंस धीमान और पंचायत प्रधान जीएस बेदी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि नगरोटा सूरियां बेल्ट की 25,000 से अधिक की आबादी आज भी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तरस रही है। उन्होंने कहा कि अगर नगरोटा सूरियां अस्पताल में आपातकालीन व्यवस्था होती, तो शायद मानविक को बचाया जा सकता था।