धर्मशाला। स्मार्ट सिटी धर्मशाला में 49 दिन पहले करीब 17 लाखों रुपये की लागत से स्थापित किए प्रदेश के सबसे ऊंचे तिरंगे की किनारी अनदेखी के कारण उधड़ गई है। तेज हवा के दौरान जब तिरंगा हवा में फहरा रहा है तो उधड़ी हुई किनारी अलग से ही नजर आ रही है, जिससे लोगों में चर्चा शुरू हो गई है। वहीं, लाखों खर्च करने के बाद कुछ दिनों में ही तिरंगा क्षतिग्रस्त होने से स्मार्ट सिटी पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं।
धर्मशाला के मुख्य कचहरी चौक में स्मार्ट परियोजना के तहत स्थापित तिरंगे की किनारी उधड़ने के बावजूद इसको रविवार को भी वैसे ही फहराया गया, जो कि लोगों में काफी चर्चा का विषय रहा। धर्मशाला में 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर प्रदेश के सबसे ऊंचे 150 फीट तिरंगे का लोकार्पण विधायक सुधीर शर्मा ने किया था। इस तिरंगे को स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करीब 17 लाख रुपये की लागत से स्थापित किया गया है।
लाखों रुपये खर्च करने के बाद करीब डेढ़ माह में ही तिरंगे की क्षतिग्रस्त हालत से स्मार्ट सिटी भी सवालों के घेरे में आ गई है। हैरत की बात यह है कि जिला मुख्यालय होने के बाद भी किसी भी प्रशासनिक अधिकारी का इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है। चौक के पास डीसी, एसपी ऑफिस सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय भी हैं, लेकिन क्षतिग्रस्त हुए तिरंगे की तरफ किसी का कोई ध्यान नहीं है। इससे धर्मशाला के हजारों लोगों की देशभक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंच रही है।
तिरंगे को बदल दिया जाएगा। धर्मशाला में खराब मौैसम और तेज हवाएं होने के चलते तिरंगे को नुकसान पहुंचा है। भविष्य में समय-समय पर तिरंगे की देखरेख की जाएगी, ताकि इस तरह की परिस्थितियां पैदा न हो सकें।
जफर इकबाल, आयुक्त, नगर निगम धर्मशाला और सीईओ स्मार्ट सिटी