धर्मशाला। उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने सेवाओं में कमी और पार्सल न पहुंचाने पर बंगलूरू की डेल्हीवेरी डायरेक्ट एक्सप्रेस कंपनी को जुर्माना लगाया है। इस दौरान आयोग ने डेल्हीवेरी डायरेक्ट कंपनी को 40 हजार रुपये मुआवजा और 10,000 रुपये उपभोक्ता को मुकद्दमेबाजी के तौर देने के आदेश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार आयूशी आचार्य पुत्री अनुज आचार्य निवासी पपरोला तहसील बैजनाथ ने ऑनलाइन माध्यम से डेल्हीवेरी डायरेक्ट एक्सप्रेस प्रेस्टीज टावर्स, 6वीं मंजिल, 99 और 100, रेजीडेंसी रोड बंगलूरू से कुछ कपड़े, निजी सामान सहित अन्य वस्तुएं 18 अप्रैल, 2024 को आर्डर की थीं, जबकि डिलीवरी का समय 24 अप्रैल, 2024 को दर्शाया गया था, लेकिन जब 19 अप्रैल को उपभोक्ता ने ऑनलाइन माध्यम से अपने सामान को ट्रैक किया तो उनका पार्सल डिलीवर ही नहीं हुआ था।
वहीं, उनका यह पार्सल 6 मई को वहां से डिलीवर हुआ, लेकिन इसके बाद भी यह पार्सल पपरोला न पहुंच कर सुजानपुर पहुंच गया। इसके बाद पार्सल करीब एक माह तक इधर-उधर भटकता रहा। बाद में उपभोक्ता ने कंपनी से पार्सल को डिलीवर किए गए स्थान पर ही पहुंचाने की बात कही, लेकिन कंपनी ने वह भी नहीं किया। इस पार्सल पर उपभोक्ता ने 872 रुपये खर्च किए थे। सेवाओं में कमी और मानसिक परेशानी झेलनी के बाद उपभोक्ता ने इसकी शिकायत जिला उपभोक्ता आयोग में कर दी। वहीं पर उपभोक्ता के पक्ष में शिकायत को मंजूर करते हुए 40 हजार रुपये से मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकद्दमेबाजी के तौर पर देने के आदेश दिए हैं।