पुराना कांगडा में आयोजित भागवत कथा में करिषण सुदामा के मिलन का दृश्य।
कांगड़ा। पुराना कांगड़ा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन भगवान कृष्ण और उनके मित्र सुदामा के मिलन पर आयोजित झांकी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्री कृष्ण भगवान के द्वारपालों की ओर से सुदामा को महल में प्रवेश करने से रोकने पर आहत सुदामा अपने मित्र से मिलने की जिद पर अड़े रहे। तभी कृष्ण दौड़े-दौड़े आए और अपने मित्र को गले लगाकर महल के भीतर ले गए। चित्रकूट से आए कथावाचक प्रभु राम अवतार दास ने बताया कि सुदामा अपने मित्र कृष्ण भगवान को दरिद्र नहीं बनाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने चने चुराकर खा लिए और श्राप को अपने ऊपर ले लिया। कथा दौरान राम परम भक्त हनुमान का प्रसंग भी सुनाया गया। कथा के मुख्य यजमान तृप्ता परवान ने बताया कि रविवार को कथा के अंतिम दिन सुबह विश्व शांति और जन कल्याण के लिए हवन यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। सुबह मंगल आरती के बाद पुराना कांगड़ा बाजार में प्रभात फेरी निकाली जाएगी।