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Kangra News: दर्जा नगर निगम का, सुविधाएं नगर पंचायत से भी कम

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धर्मशाला। पर्यटन राजधानी धर्मशाला को दर्जा तो नगर निगम का मिला है, लेकिन यहां सुविधाएं नगर पंचायत से भी कम हैं। नगर निगम धर्मशाला में 42 से अधिक महत्वपूर्ण पद खाली चल रहे हैं। निगम में अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, प्लानिंग अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, विधि अधिकारी, टाउन प्लानर, नायब तहसीलदार, पटवारी, कानूनगो, सेनेटरी इंस्पेक्टर, सेनेटरी सुरवाइजर, वर्क सुपरवाइजर, जूनियर इंजीनियर, अकाउंटेंट सहित कई अन्य महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। निगम में पर्याप्त स्टाफ के अभाव में कई विकास की परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
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शहर के लोगों को बिजली और पानी की एनओसी तक समय पर नहीं मिल पर रही। करीब एक से डेढ़ साल बाद बिजली-पानी के कनेक्शन के लिए एनओसी मिल रही हैं। वहीं नक्शे भी समय पर पास नहीं हो रहे। 17 पार्षदों वाले इस शहर में लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। धर्मशाला नगर निगम कार्यालय से वार्ड नंबर दो भागसूनाग की दूरी 12 किलोमीटर और वार्ड नंबर 15 खनियारा से यह दूरी आठ किलोमीटर है। लोग बसों में किराया देकर निगम कार्यालय तक पहुंचते हैं, लेकिन यहां काम न होने से मायूस होकर घर लौटना पड़ता है। काम न होने से जहां समय की बर्बादी हो रही है वहीं मजदूर व्यक्ति को अपनी दिहाड़ी से भी वंचित रहना पड़ रहा है। बस किराये के रूप में जेब अलग से ढीली हो रही है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और नगर निगम में मेयर भी कांग्रेस समर्थित हैं। ऐसे में लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए टकटकी लगाए बैठे हैं। निगम क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटों का कार्य ठंडे बस्ते में पड़ा है। साफ-सफाई समय पर नहीं हो रही। निकासी नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। नगर निगम में मर्ज पंचायतों के लोगों को अभी तक सीवरेज कनेक्शन नहीं मिल पाए हैं। रास्तों की हालत खराब है। लावारिस मवेशी सड़कों पर घूम रहे हैं। पालतू और लावारिस कुत्तों के संदर्भ में अभी तक कोई ठोस नीति नहीं बनाई जा सकी है। स्थानीय लोगों सुरजीत सिंह, प्रदीप शर्मा, अंकुर, रोहित कुमार, वीर सिंह, सुशील और पुरुषोत्तम लाल ने सरकार से खाली पदों को जल्द भरने की मांग की है।
नगर निगम धर्मशाला की महापौर नीनू शर्मा ने बताया कि लंबे समय से नगर निगम कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के पद खाली चल रहे हैं, जिस वजह से कई विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके बारे में सरकारों को कई बार अवगत भी करवाया गया है। हाल ही में मुख्यमंत्री से भी इन पदों को भरने की मांग की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि लोकसभा चुनाव के बाद इन खाली पदों को भर दिया जाएगा।
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