पालमपुर (कांगड़ा)। पालमपुर के सलियाणा में हुए राज्य स्तरीय छिंज मेले में दुकानदारों से अवैध वसूली के आरोप की जांच तेज हो गई है। जांच की रिपोर्ट एसडीएम पालमपुर के पास आ गई है। सूत्र बताते हैं कि एसडीएम के पास आई रिपोर्ट में किसी जाली रसीद देने की बात सामने नहीं है, लेकिन मेले में दुकानदारों को दी गई रसीदें और जमा हुए पैसों में अंतर पाया गया है। इसमें काटी गई रसीदें और पैसों का मिलान सहीं नहीं पाया गया है। अब मामले में संलिप्त कर्मचारियों के भी जल्द बयान दर्ज किए जाएंगे कि मेले में जमा हुए पैसों और काटी गई रसीदों में अंतर कैसे आया है और क्या बात हुई है।
कर्मचारियों के बयान लेने के बाद यह रिपोर्ट जल्द जिला उपायुक्त को भेजी जाएगी। जानकारी के अनुसार पालमपुर उपमंडल के सलियाणा में पहली बार हुए राज्य स्तरीय छिंज मेले में राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों ने दुकानदारों से अवैध वसूली के आरोप लगे थे। आरोप हैं कि दुकानदारों को कुछ पैसों के पर्ची दी गई तो इसमें दर्शाया कुछ ओर गया। यहां तक कर्मचारियों पर जाली रसीद देने के आरोप भी लगे थे। इसका पता चलते ही अमर उजाला ने भी मामले को प्रमुखता से उठाया था। लिहाजा, अवैध वसूली का पता चलते ही एसडीएम पालमपुर ने कड़ा रुख अपनाकर नायब तहसील पंचरुखी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर इसकी रिपोर्ट उन्हें देने को कहा था।
यह रिपोर्ट अब एसडीएम पालमपुर के पास आ गई है। कर्मचारियों के बयान लेने के बाद यह रिपोर्ट जल्द जिला उपायुक्त को भेजी जाएगी। उसके बाद ही मामले में पता चलेगा कि रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई हुई है। इससे पहले कई प्रभावित दुकानदारों के सोशल मीडिया में वीडियो भी वायरल हुए थे।
उनके पास मेले में काटी गई रसीदों और अवैध वसूली की रिपोर्ट आई है। इस पर अभी आगे कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई पूरी होने के बाद यह रिपोर्ट उपायुक्त को भेजी जाएगी। रिपोर्ट में हर पक्ष को सुना जाएगा, लेकिन मामले में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
नेत्रा मेती, एसडीएम, पालमपुर