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Kangra News: डल झील के सुराख में अब तक बह गए 4.67 करोड़ रुपये

Thu, 26 Sep 2024 02:22 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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सूखने की कगार पर मैक्लोडगंज की डलझील। संवाद
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धर्मशाला। प्रदेश के हजारों लोगों के आस्था की केंद्र मैक्लोडगंज की पवित्र डल झील का रिसाव रोकने के लिए पर अब तक 4.67 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके है। इसकी जानकारी विभिन्न विभागों ने उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया के खर्च किए पैसों के ब्यौरा मांगने के बाद दी है। 2007 के बाद करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बाद, लेकिन इसके बाद भी इसका रिसाव रूक नहीं पाया है। इस बार भी राधाष्टमी के शाही स्नान के पहले ही डल झील में रिसाव शुरू हो गया था। जिसके बाद प्रशासन और जल शक्ति विभाग ने शाही स्नान तक पानी के टैंक से पानी डालकर इसको भरने का प्रयास किया था। अब फिर से इस झील में रिसाव शुरू हो गया है और झील खाली होने लगी है। प्रशासन की और झील की मछलियों को बचाने के लिए पानी के प्राकृतिक स्रोत के पास पौंड बना गया है।
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जानकारी के अनुसार डल झील में 2017 से लगातार रिसाव हो रहा है। एक बार तो झील की मछलियों को बचाने के लिए यहां से नदी में शिफ्ट करना पड़ा था, लेकिन हर बार थोड़े से प्रयास करने के बाद इस रिसाव को रोकने के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाया गया। कई बार बड़ी एजेंसियों से सर्वे करवा कर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी परिणाम शून्य ही रहा।अ
अब सर्वे के बाद सात करोड़ खर्च करने की योजना
उप मुख्य सचेतक व शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि डलझील के हो रहे रिसाव को लेकर विभाग से अब तक खर्च किए पैसों को ब्यौरा मांग गया था। जिसके अब तक 4.67 करोड़ रुपये खर्च किए गए है। अब डल झील के रिसाव का स्थायी हल निकाला जाएगा। इसके लिए आईआईटी रूकड़ी, वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालय जियोलॉजी और जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के विशेषज्ञों से सर्वे करवाया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा कि रिसाव रोकने और सौदर्यीकरण के लिए सात करोड़ की डीपीआर भी तैयार की जा रही है।
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