प्रदेश सरकार के बजट में जिले के किसानों को मिल्क प्लांट और सब्जी मंडियों के रूप में सौगात मिली है। धर्मशाला के ढगवार में हिम-गंगा योजना के अंतर्गत 1.5 लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाले पूरी तरह से स्वचलित दूध और दुग्ध उत्पाद संयंत्र की स्थापना से किसान अपने पशुओं का दूध यहां पर अच्छे दामों पर बेच सकेंगे। इस मिल्क प्लांट के लिए भूमि उपलब्ध करवा दी गई है और इसकी क्षमता को बाद में बढ़ाकर तीन लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा। गाय के दूध की कीमत 45 और बैंस के दूध की कीमत अब 55 रुपये कर दी गई है। इससे किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा। इस प्लांट के लिए भूमि उपलब्ध करवा दी गई है और इसकी क्षमता को बाद में बढ़ाकर तीन लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कृषि एवं पशुपालन विभाग के अंंतर्गत जिला कांगड़ा के जसूर, पासू और पालमपुर में मंडियों का अपग्रेड की बात कही। इससे जिले के किसानों को काफी लाभ मिलेगा। जिला के किसान अब इन सब्जी मंडियों में अपनी सब्जियां अच्छे दामों पर बेच सकेंगे। उन्होंने प्रदेश में उच्च उपज बीजों के बहुलीकरण के लिए सरकारी फार्म को चरणबद्ध ढंग से पुनर्गठित करने की बात कही। इसके तहत 2024 में जिले में भट्टू फार्म को अपग्रेड किया जाएगा।
- जिला में तीन सब्जी मंडियां खुलने से किसानों को इसका लाभ मिलेगा। यहां किसान अच्छे दामों पर अपनी सब्जियां बेच सकेंगे। वहीं जिला के लोगों को भी सब्जी मंडियों में ताजा और अच्छी सब्जियां मिल सकेंगी।
- विशाल चौधरी, निवासी पासू
- पासू सब्जी मंडी बनकर तैयार हो गई है और इसका उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किया था। मंडी का संचालन शुरू होने से किसानों को अपनी सब्जी बेचने के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ेगा। सब्जी मंडी पास में होने से किसान अधिक सब्जियां लगाएंगे और अपनी आर्थिकी मजबूत करेंगे। - साइलेश कुमार, निवासी पासू
- ढगवार में बनने वाली दूध और दुग्ध उत्पाद संयंत्र से किसानों को काफी सहायता मिलेगी। किसान अपने पशुओं का दूध अच्छे दामों पर वहां दे सकेंगे। वहीं दुग्ध उत्पाद संयंत्र में भी अन्य लोगों को दूध से तैयार होने वाले उत्पाद अच्छे दामों पर मिल सकेंगे।
-स्वरूप कुमार, निवासी पासू
- दूध के दामों में बढ़ोतरी करने से किसानों को लाभ होगा। किसानों को डेयरी फार्मिंग करके रोजगार मिलेगा और दूध के दाम भी अच्छे मिलेंगे। सरकार के इस फैसले से हर छोटे-बड़े किसान को फायदा होगा और युवा की इससे आत्मनिर्भर होंगे।
- मोहिंद्र नाग, निवासी टंग-नरवाणा