धर्मशाला। नगर निकायों और पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधियों के वेतन में बढ़ोतरी होने पर प्रतिनिधियों में खुशी की लहर है। प्रदेश सरकार के वार्षिक बजट में मुख्यमंत्री की ओर से मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा पर प्रतिनिधियों ने सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मानदेय बढ़ाकर हर वर्ग को सम्मान दिया है। मनरेगा मजदूरों सहित प्रधान, पंचों के मानदेय में हुई बढ़ोतरी से गरीब परिवारों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री की ओर से पेश किए बजट में हर किसी का ख्याल रखा गया है।
मानदेय बढ़ाना सराहनीय कदम
मुख्यमंत्री की ओर से पेश किया बजट सराहनीय है। नगर निगम के मेयर के मानदेय में छह हजार और अन्यों के मानदेय में की बढ़ोतरी के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं। मुख्यमंत्री ने हर वर्ग का ख्याल रखा है। - नीनू शर्मा, मेयर, नगर निगम धर्मशाला
आर्थिक दिक्कत होगी दूर
हिमाचल प्रदेश का वार्षिक बजट हर किसी के लिए राहत लेकर आया है। मानदेय में बढ़ोतरी से परिवार के पालन पोषण में आर्थिक मदद मिलेगी। बजट में मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी 300 रुपये करने से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
गोपाल नाग, मेयर नगर निगम पालमपुर
मनरेगा मजदूरों का रखा ख्याल
बजट में मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मनरेगा मजदूरों का भी ख्याल रखा है। इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं। पंचायत प्रधानों के मानदेय में 1,400 रुपये की बढ़ोतरी करना मुख्यमंत्री का अच्छा फैसला है।
सपना कपूर, प्रधान, ठारू पंचायत
बेहतरीय रहा बजट
नगर निकायों के प्रतिनिधियों के मानदेय में बढ़ोतरी कर मुख्यमंत्री ने राहत पहुंचाई है। मुख्यमंत्री ने हर किसी के लिए बजट में प्रावधान किया है। स्वास्थ्य, शिक्षा सहित किसानों आदि के लिए भी मुख्यमंत्री ने सोचा और एक बेहतरीन बजट पेश किया है।
देवेंद्र जग्गी, पार्षद, नगर निगम धर्मशाला
दिहाड़ी बढ़ाने से राहत
नगर निकायों और पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं। मुख्यमंत्री ने गरीब वर्ग का भी ध्यान रखते हुए मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी 300 और मजदूर की दिहाड़ी 400 रुपये कर राहत पहुंचाई है।
विपिन चौधरी, उपाध्यक्ष, पंचायत समिति ब्लॉक धर्मशाला