ज्वालामुखी/खुंडियां (कांगड़ा)। राजकीय महाविद्यालय मझीण में हिमाचल प्रदेश का सामाजिक समावेश एवं सतत विकास : भावी दृष्टिकोण विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन वीरवार को हुआ। यह संगोष्ठी भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद चंडीगढ़ के सहयोग से आयोजित की गई। समापन सत्र के मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय ज्वालामुखी के प्राचार्य डॉ. सुशील बस्सी रहे। डॉ. सुशील बस्सी ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा में लाना ही सतत विकास का मूल आधार है। जब तक हम सामाजिक समरसता और अवसर की समानता सुनिश्चित नहीं करते, तब तक विकास अधूरा रहेगा। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. अमरजीत अत्री एवं प्रो. प्रकाश ठाकुर ने कहा कि सामाजिक समावेश केवल एक विचारधारा नहीं, बल्कि एक क्रियाशील प्रक्रिया है। संगोष्ठी के दौरान देशभर से आए विद्वानों, शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने जनजातीय विकास, ग्रामीण सशक्तीकरण, जलवायु परिवर्तन, समावेशी शिक्षा और नीति निर्माण जैसे विषयों पर शोधपत्र प्रस्तुत किए। इस दौरान सह-संयोजक डॉ. सरवन, आयोजन सचिव डॉ. नीलम सहित अन्य उपस्थित रहे। संवाद