धर्मशाला के डायरिया प्रभावित क्षेत्र के बाद दाड़ी में लोगों को दवाईयां देते हुए आशा वर्कर। संवाद
धर्मशाला। उपमंडल धर्मशाला में फैले डायरिया को लेकर बुधवार को भी राहत भरी खबर आई है। डायरिया प्रभावित क्षेत्रों में बुधवार को महज एक नए मामला सामने आया है। अब तक क्षेत्र में कुल 106 लोगों को डायरिया अपनी चपेट में ले चुका है। इनमें से फिलहाल 11 लोगों का इलाज चल रहा है। वहीं, डायरिया के दो मरीजों की तबियत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती दो मरीजों का इलाज चल रहा है। बाकी मरीज डायरिया से स्वस्थ हो चुके हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरदर्शन गुप्ता ने बताया कि जिला में डायरिया को लेकर हालात काफी हद तक काबू में हैं। बुधवार को डायरिया प्रभावित क्षेत्रों में महज एक ही नए मामला सामने आया है। उम्मीद है कि क्षेत्र में डायरिया को पूरी तरह से काबू में ले लिया जाएगा।
वहीं, डॉ. कटोच ने बताया कि क्षेत्र में डायरिया के मामले आने के बाद से ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। खंड चिकित्सा अधिकारी तियारा की निगरानी में तीन रैपिड रिस्पोंस टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं। रैपिड रिस्पोंस टीमें घर घर जाकर लोगों को दस्त रोग से बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी उपलब्ध करवा रहे हैं। ये लोगों को दवाइयां ओआरएस तथा जिंक की गोलियां भी उपलब्ध करवा रही हैं। हालात काबू आने तक पंतेहड़ पासू, शीला चौक और भटेहड़ रैपिड रिस्पोंस टीमों की निगरानी में ही रहेंगे।
बचाव के लिए करें ये उपाय
सीएमओ कांगड़ा ने लोगों को पानी उबाल कर (कम से कम 10 मिनट तक उबला हुआ) पीने की सलाह दी है। इसके अलावा करीब 20 लीटर पानी में 0.5 ग्राम की क्लोरीन की एक गोली घोल कर 1 घंटे बाद उस पानी को पिया जा सकता है। बिना ढके रखी और मक्खियां लगी खाने-पीने की चीजों का सेवन न करें। खुले में शौच व उलटी न करें। जल स्रोतों के पास शौच न करें न ही कपड़े धोएं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उन जल स्रोतों का पानी न पिएं जहां का पानी दुषित पाया गया हो अथवा प्रयोग में न आता हो। दस्त लगने पर ओआरएस का घोल और जिंक की गोली का प्रयोग करें तथा तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान जाएं।