देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दिशा-निर्देशों के बाद जिला कांगड़ा के पौंग झील को पर्यटन क्षेत्र के तौर पर विकसित करने के लिए जिला प्रशासन तैयारी कर रहा है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत पौंग डैम झील के किनारे चार क्षेत्रों को पर्यटन के तौर पर विकसित करने की योजना है। पौंग झील के किनारे स्थित नगरोटा सूरियां, खटियाड़, डाडासीबा के पास नंगल चौक और चटवाल को पर्यटन के लिए विकसित करने का प्रस्ताव है।
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना के तहत इस प्रोजेक्ट हरी झंडी मिलती है तो इन क्षेत्रों को विकसित करने के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। हालांकि इस प्रोटेक्ट को सिरे चढ़ाना आसान काम भी नहीं है। क्योंकि पौंग बांध पर्यावरण की दृष्टि से काफी संवेदनशील क्षेत्र है। यहां पर किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियां चलाने पर रोक है। गौरतलब है कि वर्तमान में पौंग झील का लगभग पूरा क्षेत्र पौंग बांध वन्यजीव अभयारण्य के अंतर्गत आता है और झील में किसी भी व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति नहीं है। इसलिए इन इलाकों को पर्यटन के तौर पर विकसित करने के लिए कई बिंदुओं का ध्यान रखना होगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार की पौंग झील में चिन्हित क्षेत्रों में जल क्रीड़ा गतिविधि की अनुमति देने के लिए पौंग बांध वन्यजीव अभयारण्य से छूट लेने की कोशिश में है। करीब एक माह पहले जिला स्तर के प्रशासनिक अधिकारी इन क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। अब भूमि को विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
चिह्नित क्षेत्रों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए कॉटेज, पूल, स्पा और रेस्तरां जैसी बुनियादी संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा जल क्रीड़ा, साहसिक खेल, स्थानीय भोजन, संस्कृति और कला को भी बढ़ावा मिलेगा। भविष्य में यहां पर जिला बिलासपुर की गोबिंद सागर झील की तरह क्रूज भी उतारे जा सकते हैं। चिह्नित क्षेत्रों के विकसित हो जाने के बाद देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यहां पहुंचना काफी आसान होगा। पर्यटन यहां पर हवाई मार्ग, सड़क और रेलगाड़ी के जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं।
एसडीएम देहरा शिल्पी बेक्टा का कहना है कि प्रदेश सरकार की ओर से पर्यटन की दृष्टि से पौंग क्षेत्र के चिन्हित क्षेत्रों को विकसित करने का प्रस्ताव है। स्वदेश दर्शन योजना के तहत इसे विकसित किया जाएगा।