इंदौरा के सिविल अस्पताल में बंद पड़ा एक्स-रे रूम। संवाद
इंदौरा (कांगड़ा)। पिछली सरकार ने भले ही इंदौरा अस्पताल का दर्जा सीएचसी बढ़ाकर से सिविल अस्पताल का कर दिया हो, लेकिन सुविधाओं के नाम पर आज तक यहां कुछ नहीं बदला है। क्रस्ना लैब शुरू होने से टेस्ट सुविधा मिलनी शुरू हो गई है, मगर एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की आज भी कोई सुविधा अस्पताल में उपलब्ध नहीं हो पाई है। यहां रेडियोलॉजिस्ट का पद पिछले लंबे समय से खाली चल रहा है। इस कारण लोगों को निजी अस्पताल और लैबों में महंगी दरों पर एक्सरे और अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ रहे हैं।
रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली रहने से गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए निजी अस्पताल पठानकोट या सिविल अस्पताल नूरपुर और पठानकोट जाना पड़ता है। सिविल अस्पताल नूरपुर में भी अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 15 से 20 दिन का समय दिया जाता। इसके चलते महिलाओं को काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। राहुल, राजेश, प्रिया, सुमित ने वर्तमान प्रदेश से गुहार लगाई है कि 40 पंचायतों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने वाले इंदौरा अस्पताल की भी सुध ले। ज्यादा सुविधा नहीं, तो रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती कर यहां अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की सुविधा उपलब्ध करवाएं, जिससे कि गर्भवती महिलाओं और लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े और डॉक्टर सही से इलाज कर सके।
सभी सुविधाएं मुुहैया करवाने के करेंगे प्रयास : विधायक
इंदौरा के विधायक मलेंद्र राजन ने कहा कि मैंने विधायक बनने के बाद अस्पताल का निरीक्षण किया था। अस्पताल में जिन सुविधाओं की जरूरत है, उनके बारे में बीएमओ से बात की थी। वे सब सुविधाएं जल्द अस्पताल में उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएंगे।
उच्च अधिकारियों को समस्या के बारे में अवगत करवा दिया है : बीएमओ
बीएमओ इंदौरा संदीप महाजन ने बताया कि सरकार और विभाग के उच्च अधिकारियों को इस समस्या के बारे में अवगत करवा दिया गया है। हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द अस्पताल में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए।