नूरपुर(कांगड़ा)। नूरपुर अस्पताल में डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश के कारण अस्पतालों में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह घने कोहरे के बीच इलाज नूरपुर सिविल अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे मरीजों को ओपीडी सेवाएं बंद होने की वजह से निराश होकर लौटना पड़ा। अस्पताल में सुबह बड़ी संख्या में मरीज ओपीडी के बाहर डॉक्टरों का इंतजार करते दिखे लेकिन आईजीएमसी प्रकरण के विरोध में डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश के चलते मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा। हालांकि, अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं आम दिनों की तरह सुचारु रहीं। नागाबाड़ी से चेकअप करवाने पहुंची 70 वर्षीय संदला देवी ने बताया कि वे चेकअप के लिए अपनी बहू के साथ सुबह 9 बजे ही अस्पताल पहुंच गई थीं, लेकिन डाक्टरों की हड़ताल के कारण सुविधा नहीं मिली। सुखार की मंजू देवी (62) ने बताया कि वह अपनी बहू का ओपीडी में चेकअप करवाने के लिए आई थी, लेकिन पर्ची काउंटर पर डाॅक्टरों के अवकाश पर होने की बात पता लगी। नूरपुर शहर के 70 वर्षीय बजुर्ग गोपाल शर्मा ने बताया कि उन्हें अस्पताल में ओपीडी सेवाएं बंद होने का कोई अंदाजा नहीं था। इस कारण कई मरीजों को निराश वापस लौटना पड़ रहा है। लदोड़ी से अपने दो छोटे बच्चों और पति के साथ इलाज के लिए नूरपुर अस्पताल पहुंची सृष्टा देवी ने बताया कि जब पर्ची बनवाने के लिए काउंटर पर गईं तो उन्हें आज ओपीडी बंद होने की जानकारी मिली।