धर्मशाला। कांगड़ा कला संग्रहालय में विश्व धरोहर सप्ताह के तहत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से केंद्र संरक्षित पुरानी इमारतों, मंदिरों और किलों की चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश के कांगड़ा, चंबा, शिमला, कुल्लू और मंडी सहित अन्य जिलों के पुराने भवनों के चित्रों को प्रदर्शित किया गया। कांगड़ा कला संग्रहालय की छत के नीचे लगी प्रदर्शनी में दूसरी शताब्दी ई पूर्व के धर्मशाला के खनियारा में संरक्षित अभिलेख और पठियार में संरक्षित शिलालेख की तस्वीर आकर्षण का केंद्र रही। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर संरक्षित यह अभिलेख और शिलालेख शहर के लोगों ने पहली बार देखे हैं। इसके अलावा चित्र प्रदर्शनी में चंबा के छतराड़ी में सातवीं शताब्दी में बने शक्ति देवी मंदिर के अलावा लक्ष्मी नारायण मंदिर चंबा, हरि राय मंदिर, चामुंडा और बंसी गोपाल मंदिर के साथ भरमौर के केंद्र संरक्षित मंदिरों की तस्वीरें भी प्रदर्शित की गई हैं। तीन दिवसीय केंद्र संरक्षित धरोहरों की प्रदर्शनी के शुभारंभ पर एसडीएम धर्मशाला धर्मेश रमोत्रा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने इस दौरान एएसआई के सहायक पुरातत्वविद डाॅ. विजय बोध से प्रदर्शनी में प्रदर्शित तस्वीरों के विस्तृत जानकारी ली।