फतेहपुर (कांगड़ा)। उपमंडल फतेहपुर की लोहारा पंचायत के कारगिल बलिदानी अशोक कुमार की वृद्ध माता शांति देवी आज भी बेटे को गर्व और श्रद्धा से याद करती हैं। बेटे की शहादत को 26 वर्ष बीत चुके हैं, पर मां के लिए वह आज भी जीवित हैं यादों में, सम्मान में और आत्मा में। 20 जून 1999 को कारगिल युद्ध के दौरान अशोक कुमार ने राष्ट्र रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया था। शांति देवी भावुक होकर कहती हैं मेरा बेटा आज भी हमारे दिलों में जिंदा है और सदा रहेगा। शांति देवी बताती हैं कि उन्होंने कभी किसी सरकारी सहायता की मांग नहीं की। इसके बावजूद, सरकार ने गैस एजेंसी का आवंटन किया, जिसे वह बार-बार मना करती रहीं। इसके लिए वह सरकार का आभार प्रकट करती हैं। इसके अलावा बलिदानी के नाम पर एक सड़क और हैंडपंप का निर्माण भी हिमाचल सरकार द्वारा करवाया गया है।