धर्मशाला। एक ऑनलाइन शॉपिंग एप पर जूते का ऑर्डर करने पर उपभोक्ता को साबुन का पैक भेजने पर ई-कॉमर्स कंपनी और लॉजिस्टिक कंपनी की ओर से उपभोक्ता को 30,000 रुपये मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही नौ प्रतिशत ब्याज सहित जूते की कीमत 3,071 रुपये रिफंड करने के अलावा 10,000 रुपये अदालती शुल्क भी अदा करना होगा।
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य नारायण ठाकुर और आरती सूद की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। आयोग के समक्ष मृनाली सूद निवासी बंदला पालमपुर ने शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में कहा था कि उन्होंने ई-कॉमर्स कंपनी से जिम शूज ऑर्डर किए थे। इसके लिए उन्होंने 10 अक्तूबर, 2023 को ऑनलाइन माध्यम से 3,071 रुपये का भुगतान कर दिया। इसके बाद 14 अक्तूबर 2023 को उनको कंपनी के अधिकृत ई-कार्ट लॉजिस्टिक एजेंट के माध्यम से ऑर्डर का पार्सल प्राप्त हुआ, जिसे शिकायतकर्ता के पिता ने प्राप्त किया। पैकेज को खोलने पर पाया कि उसमें साबुन का पैक था, जबकि उन्होंने जूते का ऑर्डर किया था।
इस दौरान पार्सल डिलीवर करने वाले एजेंट के सामने ही फोटो भी खींचा गया। इसके बाद 15 अक्तूबर को उन्होंने ऑर्डर को वापस करने का आवेदन किया। वहीं, 16 से 24 अक्तूबर 2023 तक कंपनी से संपर्क किया, लेकिन पार्सल को वापस नहीं लिया गया और न ही समस्या का समाधान किया गया। जिस पर इस मामले को लेकर उपभोक्ता आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज की गई। आयोग ने सभी तथ्यों को जांचने के बाद उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए ई-काॅमर्स कंपनी और लॉजिस्टिक कंपनी को उक्त आदेश दिए हैं।