पालमपुर में प्रदेश बिजली बोर्ड यूनिनट के कर्मचारी व पदाधिकारी सम्मेलन में
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पालमपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन का 17वां दो दिवसीय राज्य महासम्मेलन पालमपुर में शुरू हुआ। इसमें प्रदेशभर से हजारों कर्मचारी भाग ले रहे हैं। सम्मेलन के प्रथम सत्र में विशेष रूप से अन्य संगठनों से हिमाचल बिजली बोर्ड पेंशनर फोरम के महासचिव चंद्र सिंह मंडियाल, हिमाचल संयुक्त कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान, हिमाचल पथ परिवहन निगम कर्मचारी ज्वाइंट एक्शन कमेटी के संयोजक खमेंद्र गुप्ता और बिजली बोर्ड जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष विजय पटियाल ने सम्मेलन में मौजूद लोगों को संबोधित किया।
सम्मेलन में बिजली कंपनियों के निजीकरण को लेकर कड़ा विरोध जताया गया। साथ ही बिजली बोर्ड में पिछले कई सालों से खाली पदों को भरने की जोरदार आवाज उठाई गई। इसके साथ सम्मेलन के पहले दिन कई बातों पर एकजुटता से आवाज उठाई गई। कहा गया कि बिजली बोर्ड की वर्तमान वित्तीय स्थिति से बाहर निकालने के लिए सरकार से तत्काल कुछ आवश्यक फैसले लेने की मांग की है।
यूनियन ने अधिवेशन के माध्यम से सरकार की बिजली कंपनियों के निजीकरण के लिए संसद में लाए गए बिजली कानून 2022 का कड़ा विरोध किया और केंद्र सरकार से इसे वापस लेने की भी मांग की है। साथ ही बिजली बोर्ड में कर्मचारियों की घटती संख्या पर चिंता जताई और बिजली बोर्ड में विभिन्न श्रेणियों के खाली पड़े करीब आठ हजार पदों को जल्द भरने की मांग भी की है।
अधिवेशन के दूसरे सत्र में यूनियन के राज्य कमेटी के 35 पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया हुई। इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष पेंशनर्स एसएल भाटिया, महासचिव हीरालाल वर्मा, प्रेस सचिव सुनील, वित्त सचिव जितेंद्र वालिया, कार्यालय सचिव सुभाष, प्रेस सचिव एवं उपाध्यक्ष पेंशनर्ज अमर नाथ सेठी, संतोष शरोत्री, पवन सरोत्री, अमर सिंह, कुलतार, ओमप्रकाश शर्मा, ओंकार सिंह प्रधान समेत कई लोगों ने भाग लिया।