धर्मशाला में चल रही एनसीसी कैंप के पांचवें दिन मैक्लोडगंज के दलाई लामा मंदिर का भ्रमण करते हुए
धर्मशाला। ऑल इंडिया गर्ल्स ट्रैकिंग एक्सपीडिशन कैंप के पांचवें दिन कैडेट्स को मैक्लोडगंज के दलाई लामा मंदिर और सीनियर विंग के कैडेट्स को भागसूनाग ले जाया गया। कर्नल संजय शांडिल ने कैडेट्स को ट्रैकिंग के लिए रवाना होने से पूर्व ट्रैकिंग की बुनियादी जानकारी दी। दलाई लामा मंदिर में कैडेट्स को बौद्ध धर्म से परिचित करवाया गया। कैडेट्स ने वहां कुछ स्थानीय बौद्ध भिक्षुओं से उनके दैनिक दिनचर्या के बारे में जाना। कैडेट्स को इतिहास की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह मंदिर 1959 में तिब्बती आध्यात्मिक नेता 14वें दलाई लामा के तिब्बत से निर्वासन के बाद बनाया गया था। वर्तमान में यह निर्वासित तिब्बती समुदाय के आध्यात्मिक और राजनीतिक केंद्र के रूप में कार्य करता है।
साथ ही उन्होंने सुंदर, जटिल कलाकृतियां देखी, जो समृद्ध तिब्बती बौद्ध विरासत को दर्शा रही थी। कैडेट्स ने वहां हवा में लहराते प्रेयर फ्लैग भी देखें। कैडेट्स को सेंट जॉन चर्च भी ले जाया गया। कैडेट्स ने चर्च के शांत वातावरण को भी महसूस किया। तत्पश्चात सीनियर विंग के कैडेट्स को भागसूनाग मंदिर ले जाया गया। कैडेट्स ने मंदिर पहुंचकर वहां के इतिहास को जाना कि कैसे 5,000 वर्ष पूर्व, राजा भागसू ने नाग देवता से क्षमा मांगने के बाद इस मंदिर का निर्माण करवाया था। कैडेट्स ने भागसूनाग मंदिर के नाम से लोकप्रिय मंदिर के बारे में जानकारी प्राप्त की और मंदिर के चारों ओर दो पवित्र तालाबों को भी देखा जिनकी बारे मैं मान्यता है कि उन तालाबों में चमत्कारी शक्तियां समाहित है।