डमटाल (कांगड़ा)। मिनर्वा पीजी कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स इंदौरा में 21वीं सदी: अवसर और चुनौतियां विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सस्टेनेबल प्लेनेट की अवधारणा को केंद्र में रखते हुए 21वीं सदी में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में अवसरों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना रहा। मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. एसके मेहता (पूर्व कुलपति, लद्दाख विवि) और विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. बलबीर सिंह कैथ (एनआईटी जालंधर) शामिल हुए। मुख्य वक्ता प्रो. डीआर ठाकुर (निदेशक, एचआरडीसी, एचपीयू शिमला) ने वर्तमान में सतत विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। मिनर्वा ग्रुप ऑफ कॉलेज के चीफ पैटर्न डॉ. गोपाल सक्सेना की पुस्तक इंडियन एजुकेशन सिस्टम का लोकार्पण किया गया। प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जरनैल सिंह पटियाल ने अतिथियों का स्वागत किया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि ऐसे सम्मेलन विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को नई दिशा प्रदान करते हैं। संवाद