चंबा। कला सृजन पाठशाला के आयोजन सत्र-50 के अंतर्गत पुस्तक विमोचन कार्यक्रम हुआ। सबसे पहले सरस्वती वंदना के साथ दीप प्रज्ज्वलित किया गया।
कवि ओंकार वर्मा एवं उनकी पत्नी मुगेश लता ने अध्यक्ष शरत शर्मा, भूपेंद्र जसरोटिया, डॉ. संतोष कुमार, प्रशांत रमण रवि, रेखा गक्खड़ रश्मि को शाॅल और टोपी पहना कर सम्मानित किया। समकालीन कवि ओंकार वर्मा के काव्य संग्रह मेरे शब्द मेरी पहचान का विमोचन कला सृजन पाठशाला के अध्यक्ष शरत शर्मा ने किया। इसके बाद कवि ओंकार वर्मा ने कविता संग्रह मेरे शब्द मेरी पहचान में से चुनिंदा कविताओं का एकल कविता पाठ किया। एकल पाठ की कविताओं, कविता संग्रह की समीक्षा राजकीय महाविद्यालय चंबा के हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार, प्रो. प्रशांत रमण रवि एवं कवियित्रि रेखा गक्खड़ रश्मि ने की। इसमें कविताओं में आए विविध पहलुओं को श्रोताओं के समक्ष उजागर किया। कला सृजन पाठशाला की ओर से कविता पाठ में नारायणी ने बेटियां, दिशा ने आओ मिलकर धरती को नम करे, चिराग ने जीवन के लिए पेड जरूरी, बिमला देवी ने धरती की पुकार रेखा गक्खड़ रश्मि ने बचपन प्रशांत रमण रवि ने बाप भूपेंद्र जसरोटिया ने कसम हो आपको नेता जी आदि कविताओं का पाठ करके संजीदा माहौल बनाए रखा। संवाद