नगरोटा सूरियां(कांगड़ा)। शिक्षा विभाग में कार्यरत मल्टी टास्क वर्कर्स को छुट्टियों का वेतन नहीं मिलने से उन्हें महंगाई के इस दौर में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शिक्षा विभाग की मल्टी टास्क वर्कर यूनियन की नगरोटा सूरियां इकाई की रविवार को नगरोटा सूरियां में उपप्रधान नरेश मेहरा की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक के बाद नरेश मेहरा ने कहा कि दूसरे विभागों में कार्यरत मल्टी टास्क वर्करों को 12 महीने का वेतन दिया जाता है, जबकि स्कूलों में तैनात मल्टी टास्क वर्करों को दो महीने पड़ने वाली छुट्टियों का वेतन न देकर केवल दस महीने ही वेतन दिया जाता है।
शिक्षा विभाग में ज्यादातर गरीब परिवारों के विधवा और दिव्यांग ही मल्टी टास्क वर्कर भर्ती किए गए हैं, इन्हें जब स्कूल में छुट्टियां पड़ जाती हैं तो वेतन नहीं दिया जाता। इससे उन्हें दो महीने छुट्टियों के दिन परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो जाता है। इस मसले को लेकर शिक्षा विभाग के मल्टी टास्क वर्कर मुख्यमंत्री से भी मिले और उन्होंने आश्वासन भी दिया था, लेकिन अभी तक मसला आश्वासन तक ही सीमित रहा। उन्होंने कहा कि 2023-24 के बजट में भी अन्य कर्मचारियों की तर्ज पर मल्टी टास्क वर्कर के लिए न तो वेतन बढ़ाने और न कोई ठोस नीति बनाने का प्रावधान किया गया है, जबकि अधिकांश मल्टी टास्क वर्कर 45 साल उम्र पार कर चुके हैं।
यदि समय रहते इनके लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई तो इनका भविष्य अधर में लटक कर रह जाएगा। नरेश मेहरा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि शिक्षा विभाग में कार्यरत मल्टी टास्क वर्करों के लिए ठोस नीति बना कर अन्य विभागों की तर्ज पर 12 महीने वेतन दिया जाए। वहीं, अन्य विभागों की तर्ज पर उन्हें भी दो साल पूरे करने पर नियमित किया जाए।