नूरपुर (कांगड़ा)। नूरपुर पुलिस जिला के गठन के बाद सीमांत क्षेत्र में बेहतर कानून व्यवस्था के साथ-साथ नशे के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है और इसमें पुलिस को काफी हद तक कामयाबी भी मिली है। नूरपुर पुलिस जिला बनने के दो साल पूरे होने पर शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसपी अशोक रतन ने कहा कि दो साल में पुलिस ने नशा तस्करी आरोपियों की वित्तीय जांच की गई और सक्षम अथॉरिटी से सात मामले कन्फर्म करवा कर लगभग सवा 15 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। नशा माफिया पर नकेल कसते हुए बीते दो साल में 212 मामले दर्ज कर लगभग पांच किलो 455 ग्राम हेरोइन, 25 किलो 128 ग्राम चरस और 36 किलो 734 ग्राम चुरा पोस्त पकड़ा। इसमें लगभग एक करोड़ 29 लाख 57 हजार का कैश जब्त किया है और एनडीपीएस मामलों में 301 आरोपी गिरफ्तार किए है।
नशा मामलों में बार-बार संलिप्त पाए गए तीन आदतन आरोपियों को डिटेंशन अथॉरिटी की ओर से नजरबंद किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस जिला नूरपुर में अवैध खनन दूसरी बड़ी समस्या है। जिसके खिलाफ जिला पुलिस नूरपुर कड़ी कार्रवाई कर रही है जिससे कि खनिज संपदा सुरक्षित रहे और पर्यावरण का नाश न हो। पुलिस ने अवैध खनन में 18 एफआईआर दर्ज कर लगभग 81 वाहन जब्त किए हैं और अवैध खनन के करीब 1793 चालान कर लगभग 134 वाहन जब्त किए और लगभग दो करोड़ का जुर्माना किया गया। पुलिस जिला नूरपुर में यातायात व्यवस्था बेहतर हो और सड़क दुर्घटनाएं कम हो इसके तहत यातायात के नियमों को तोड़ने वालों के चालान होते हैं। आईटीएमएस के द्वारा लगभग 19,736 चालान किए गए और लगभग दो करोड़ 25 लाख का जुर्माना किया गया। जबकि पुलिस की ओर से लगभग 55 हजार चालान कर दो करोड़ का जुर्माना किया गया। उन्होंने पुलिस जिला नूरपुर के लोगों से अपील की है कि पुलिस का उद्देश्य चालान करना नहीं है परंतु लोग यातायात के नियमों को न तोड़ें और सड़क दुर्घटनाओं से किसी की जान न जाए, इसलिए पुलिस को उक्त कार्रवाई करनी पड़ती है।