धर्मशाला। अब सामाजिक सुरक्षा पेंशन घरद्वार पर नहीं मिलेगी। प्रदेश सरकार की पेंशन योजनाओं का लाभ अब लोगों को घरद्वार पर उपलब्ध करवाना बंद कर दिया गया है। ऐसे में वृद्ध और अन्य लाभार्थियों को स्वयं पोस्ट ऑफिस जाकर पेंशन लेने के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वहीं, इसके चलते बुजुर्ग महिलाओं और चलने फिरने में असमर्थ लोगों के साथ उनके परिजनों को भी दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। करीब एक साल से डाक विभाग ने वृद्धावस्था, दिव्यांग, विधवा पेंशन सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशनों को घरद्वार देना बंद कर दिया है, लेकिन 80 साल से ऊपर और दिव्यांग व्यक्ति को डाकिए अपने स्तर पर ही पेंशन घर जाकर दे रहे हैं।
सरकार प्रदेश में लोगों को डाक विभाग के माध्यम से घरद्वार पेंशन मुहैया करवाने के लिए एमओयू साइन करती थी। एमओयू के तहत प्रदेश सरकार डाक विभाग को कुछ दो प्रतिशत के करीब इंसेंटिव देती थी, लेकिन पिछले तीन साल से प्रदेश सरकार ने यह एमओयू साइन ही नहीं किया है और न विभाग को इंसेटिव दिया गया है। एमओयू साइन होने की राह में डाक विभाग ने करीब दो साल तक लोगों को घरद्वार जाकर पेंशन दी थी, लेकिन अब एक साल से यह घरद्वार पेंशन देने वाली सुविधा बंद कर दी है। जिसका खामियाजा अब लोगों को डाकघर के चक्कर काटकर चुकाना पड़ रहा है।
रैत पंचायत के प्रधान सुरेश पटाकू और झियोल के प्रधान मंजीत सिंह सहित विभिन्न पंचायतों के प्रधानों का कहना है। हमारी पंचायतों में पांच से दस बुर्जुर्ग और दिव्यांग व्यक्ति है। जिन्हें पहले घर पर डाकिए की ओर पेंशन मिल जाती थी। लेकिन अब लोगों को अपने बुर्जुगों को वृद्धा और दिव्यांग पेंशन लेने के लिए डाकघर जाना पड़ा है। ऐसे में वृद्ध और दिव्यांगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि घरद्वार मिलने वाली पेंशन सुविधाओं को फिर शुरू करवाया जाए।
धर्मशाला डाक मंडल के डाक अधीक्षक रविंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि प्रदेश भर में सरकार से योजनाओं के तहत सुविधा देने के लिए एमओयू तीन साल से एमओयू साइन नहीं हुआ है। दो साल तक तो विभाग की ओर लोगों को बिना एमओयू के ही घरद्वार पेंशन दी गई, लेकिन पिछले साल से इस सुविधा को बंद कर दिया गया है। फिर भी 80 वर्ष से अधिक लोगों और दिव्यांग व्यक्तियों को डाकघर के स्तर पर सुविधा दी जा रही है।