धर्मशाला। जिला मुख्यालय धर्मशाला के समीपवर्ती दाड़ी बाईपास पर वर्ष 2006 में बनाया गया ग्रामीण हिमाचल भंडार का भवन प्रवासियों का ठिकाना बन गया है। यह भवन महिलाओं-युवाओं के स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प कारीगरी को प्रदर्शित किए जाने के लिए बनाया गया था। अब हस्तशिल्प कारीगरों और स्थानीय उत्पादों को बेचने के लिए उधार के स्थानों और सड़कों पर रेहड़ी-फड़ी लगाकर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यही नहीं प्रवासियों का ठिकाना बनने के अलावा यह भवन नशेड़ियों का अड्डा भी बन गया है।
इस भवन को हिमाचल की पुरानी संस्कृति के तहत मड हाउस और आधुनिकता के मिश्रण से तैयार किया गया था। इसमें स्लेट की छत बनाई गई थी और पत्थर-मिट्टी से भवन तैयार किया गया। इसमें हॉल, कार्यालय, मीटिंग स्थल सहित प्रदर्शनी लगाने की भी व्यवस्था थी। भवन को अनदेखी ने जर्जर हालत में पहुंचा दिया है। ग्राम पंचायत दाड़ी के पास भवन लगभग दस वर्षों तक रहा और इसके बाद वर्ष 2016 में धर्मशाला नगर निगम बनने से यह भवन भी एमसी का हो गया है। बावजूद इसके आज तक भवन का सही प्रयोग नहीं हो पाया है।
नगर निगम धर्मशाला की महापौर नीनू शर्मा ने बताया कि दाड़ी बाईपास स्थित ग्रामीण हिमाचल भंडार भवन की मरम्मत को लेकर योजना तैयार की जा रही है। इससे कि भवन का प्रयोग कर निगम की आय में भी बढ़ोतरी हो सके।