धर्मशाला। प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में प्री-मैच्योर नवजात बच्चों को मां का दूध उपलब्ध कराने के लिए स्तनपान प्रबंधन यूनिट की स्थापना की जाएगी। इसमें मां का दूध स्टोरेज किया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा बजट में इस यूनिट की घोषणा से प्रदेश के करीब छह जिलों कांगड़ा, मंडी, चंबा, हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना के लोगों को अब शिमला के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। शिशुओं को यह सुविधा अब टांडा में ही मिल जाएगी। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी। कुछ मामलों में मां के बीमार रहने या प्रसव के दौरान मौत और अन्य कारणों से नवजात को मां का दूध नहीं मिल पाता। ऐसी स्थिति में नवजात को पौष्टिक आहार की सुविधा उपलब्ध करवाना चुनौती रहती है। टांडा में अब स्तनपान प्रबंधन यूनिट स्थापित होने से इस समस्या से निजात मिलेगी।
नर्सिंग काॅलेज से होगा लाभ
टांडा मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्कूल को स्तरोन्नत कर नर्सिंग काॅलेज का दर्जा दिया गया है, जिसके की अब प्रशिक्षु नर्सों को भी सुविधा मिलेगी। प्रदेश सरकार के वार्षिक बजट में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेगी। इसके अलावा जिला के जिन स्वास्थ्य संस्थानों में एक्स-रे की सुविधा नहीं है वहां पर पीपीपी मोड में यह सुविधा प्रदान की जाएंगी, जिससे कि लोगों को अपने आसपास के स्वास्थ्य संस्थान में लाभ मिल सके।
बजट में टांडा मेडिकल कॉलेज में लैक्टेशन मैनेजमेंट सेंटर खोलने की बजट में घोषणा अच्छा निर्णय है। इससे नवजात बच्चों के लिए टांडा में मां के दूध की सुविधा मिल पाएगी। - निर्मला देवी, बैजनाथ निवासी
- मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सूक्खू ने सराहनीय बजट पेश किया है। टांडा में शिशुओं के लिए लैक्टेशन मैनेजमेंट सेंटर खुलने से महिलाओं को शिमला के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्रदेश के बजट में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करने के लिए सीएम का आभार व्यक्त करते हैं।
- सविता शर्मा, बैजनाथ निवासी
- प्रदेश सरकार ने बजट में जिन स्वास्थ्य संस्थानों में एक्स-रे की सुविधा नहीं है, वहां पर पीपीपी मोड में यह सुविधा देने की घोषणा की है। इससे मरीजों को एक्स-रे करवाने के लिए न तो बड़े अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ेंगे और न ही निजी अस्पतालों में अधिक पैसे चुकाने पड़ेंगे। इससे लोगों को काफी फायदा होगा।
राज कुमार, डिप्टी मेयर नगर निगम पालमपुर