रक्कड़ (कांगड़ा)। कृषि विभाग विकास खंड परागपुर की ओर से ग्राम लग बलियाना में किसानों के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया। शिविर में विशेषज्ञों ने मक्की की फसल में फॉल आर्मी वर्म कीट की पहचान, रोकथाम और वैज्ञानिक प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी। किसानों को बताया कि कीट का कम प्रकोप होने पर नीम आधारित उत्पादों का प्रयोग लाभकारी है, जबकि अधिक प्रकोप की स्थिति में विभाग की अनुशंसा के अनुसार क्लोरान्ट्रानिलिप्रोल (कोराजेन) एवं अग्निअस्त्र का सुरक्षित उपयोग प्रभावी रहता है। विशेषज्ञों ने समेकित कीट प्रबंधन (आईपीएम) अपनाने और खेतों का नियमित निरीक्षण करने की सलाह दी। शिविर में वर्षा आधारित क्षेत्रों के लिए बाजरा, ज्वार और रागी जैसी न्यूट्रीसीरियल्स फसलों की खेती के फायदे भी बताए गए। कार्यक्रम में विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. रिशु धीमान, कृषि विकास अधिकारी दिव्यांश पटियाल सहित क्षेत्र के अनेक किसान उपस्थित रहे। संवाद