बैजनाथ (कांगड़ा)। ऐतिहासिक शिव मंदिर में मकर संक्रांति पर करीब तीन क्विंटल देसी और सूखे मेवों का घृतमंडल तैयार किया जाएगा। शिव मंदिर में मनाए जाने वाले इस धार्मिक समारोह के लिए चार जनवरी को मंदिर न्यास की सहायक आयुक्त एवं एसडीएम छवि नांटा की अध्यक्षता में एसडीएम कार्यालय में बैठक होगी। चार जनवरी के बाद मंदिर में आने वाले श्रद्धालु देसी घी और सूखे मेवे दान दे सकेंगे। मंदिर के गर्भ गृह में स्थित पवित्र शिवलिंग पर देसी घी का लेप करने से पूर्व इस देसी घी को उबालकर 101 बार ठंडे पानी से धोकर पेड़े बनाए जाएंगे और फिर माखन रूपी इन पेड़ों से पवित्र शिवलिंग पर घृतमंडल तैयार किया जाएगा। घृतमंडल की सजावट के लिए फूलों के स्थान पर सूखे मेवों का प्रयोग किया जाएगा। मकर संक्रांति के दिन देर शाम को होने वाली आरती के बाद मंदिर के पुजारी इस घृतमंडल को तैयार करेंगे। मकर संक्रांति के अगले सात दिन तक पवित्र शिवलिंग इसी रूप में नजर आएगा और उसके बाद इस घी को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा। मंदिर के पुजारी सुरिंद्र आचार्य और धर्मेंद्र शर्मा के अनुसार सात दिन तक इस रूप में पवित्र शिवलिंग पर चढ़े रहने और 101 बार ठंडे पानी से धोने के कारण यह घी आयुर्वेदिक औषधि का रूप धारण कर लेता है और इसे प्रसाद के रूप में खाने के बजाय चर्म रोगों के उपचार के लिए प्रयोग में लाया जाता है। एसडीएम छवि नांटा ने बताया कि इस संबंध में चार जनवरी को बैठक होगी।