क्कड़ के चपलाह में चल रही श्रीमद भागवत कथा के पांचवे दिन उपस्थित संगत। स्रोत: आयोजक
रक्कड़ (कांगड़ा)। तहसील रक्कड़ के चपलाह में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन धरोहर गांव परागपुर के पंडित सुमित शास्त्री ने कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि देवराज इंद्र को अभिमान हो गया और उन्होंने भगवान श्री कृष्ण से तब 11 श्लोकों में क्षमा मांगी और कहा कि आप ऐसा अनुग्रह कर दें, मेरी बुद्धि दोबारा इस प्रकार न करे। मैं आपकी भगवत्ता को कभी न भूल पाऊं। कथा के बीच सुंदर भजन मैं तो गोवर्धन को जाऊं, मेरे वीर और गिरिराज धरण प्रभु तुमरी शरण.. ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कथा में कृष्ण कुमार, महिंद्र, दिनेश, संदीप कुमार, वंश ठाकुर और मीनाक्षी आदि ने भाग लिया।