धर्मशाला। जिला कांगड़ा समेत ऊना में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाली पारदी गैंग के चोरी मामलों की जांच अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है। मध्य प्रदेश से संबंध रखने वाले इस गैंग के अन्य सदस्यों की धरपकड़ को कांगड़ा पुलिस की डीएसपी के नेतृत्व में टीम रवाना हो गई है। जिला कांगड़ा के बनखंडी में एक गेस्ट हाउस से इसी वर्ष अगस्त में कांगड़ा पुलिस ने चोरी की घटनाओं में शामिल 18 लोगों को पकड़ा था, जिनमें से 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
आरोपियों ने देहरा, ऊना, ज्वालामुखी, रक्कड़, नूरपुर, पालमपुर और डाढ आदि क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। देहरा और ज्वालामुखी क्षेत्र में चोरी की वारदातों की जांच के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्धों के बारे साक्ष्य मिले थे। वहीं, सीसीटीवी के विश्लेषण में भी पाया था कि देहरा में हुई चोरी की घटना में चार लोग संलिप्त हैं, जो घटना को अंजाम देने के बाद चोरी के मोटरसाइकिल पर ज्वालामुखी की तरफ भागे थे। इसमें ज्वालामुखी गेस्ट हाउस में भी आरोपियों के ठहरने के सबूत मिले थे।
गेस्ट हाउस के विजिटर रजिस्टर में कंचन बाई पत्नी रामदास पारदी निवासी गुना मध्य प्रदेश ने अपने नाम पर तीन कमरे बुक किए थे। इनमें आठ पुरुष, छह औरतें और चार बच्चों सहित कुल 18 लोग रह रहे थे। पारदी समुदाय के लोगों ने इससे पहले भी ज्वालामुखी पुलिस थाना के अंतर्गत एक घर में घुस कर गहनों की चोरी को अंजाम दिया था। साइबर टीम ने होटल से मिले मोबाइल नंबर और आधार कार्ड के नाम पर बुक किए गए तीन कमरों की जांच करने पर पाया कि रामदास की चोरी करने वाले पारदी गिरोह से काफी बातचीत थी। इस दौरान पुलिस ने 10 आरोपियों मध्य प्रदेश निवासी राम दास, गिराज, युवराज और पंजाब निवासी सुरजीत, कृष्णा, राधे, विरन सिंह, दादा सिंह, धूरी और राखी को गिरफ्तार किया था।
उधर, एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि पारदी गैंग के जिला में चोरी के मामलों की जांच को लेकर एक टीम मध्य प्रदेश भेजी गई है। मामले में टीम की जांच जारी है और उम्मीद है कि चोरी के मामलों में कुछ और आरोपी गिरफ्तार हो सकते हैं।