धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड कर्मचारी एवं अधिकारी संघ ने सरकारी स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से सीबीएसई से संबद्ध करने की प्रक्रिया पर चिंता जताई है। संघ के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि प्रदेश के अपने स्कूल शिक्षा बोर्ड की भूमिका को सीमित करना उचित नहीं है। बोर्ड पिछले 55 वर्षों से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली उपलब्ध करा रहा है। प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय आवश्यकताओं, भाषा, संस्कृति और सामाजिक परिवेश के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था संचालित करने में बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यदि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है तो बोर्ड को आधुनिक संसाधनों, नई तकनीक, डिजिटल सेवाओं और शैक्षणिक नवाचारों से सशक्त बनाया जाना चाहिए। संघ ने प्रदेश सरकार से विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।