धर्मशाला। जायका (जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी) की ओर से समर्थित, हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (चरण-दो) के तहत पालमपुर में स्थापित शिटाके मशरूम प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। जिला परियोजना प्रबंधक कांगड़ा डाॅ. योगेंद्र कौशल ने किसानों को शिटाके मशरूम की व्यावसायिक खेती कर अपने जीवनयापन स्तर में सुधार लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिटाके मशरूम खाद्य और औषधीय गुणों से युक्त होता है। इसकी खेती से किसान अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं। प्रशिक्षण शिविर में शिटाके डिसेमिनेटर सपन ठाकुर और विषयवाद विशेषज्ञ अंबिका देवी ने किसानों को शिटाके मशरूम की खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस प्रशिक्षण शिविर में किसानों को मशरूम कटाई, ग्रेडिंग, छंटाई व सुखाने के साथ-साथ इसके भंडारण, पैकिंग व मार्केटिंग के बारे में बताया गया। एक से छह अगस्त, 2025 तक आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में खंड परियोजना प्रबंधक इकाई देहरा के नागनी कूहल क्लस्टर के 19 किसानों ने भाग लिया। सात से आठ अगस्त 2025 तक शिटाके मशरूम की कटाई के बाद प्रबंधन की जानकारी दी गई। यह प्रशिक्षण उन्हीं किसानों को दिया गया जिन्होंने पहले शिटाके मशरूम उत्पादन पर प्रशिक्षण लिया था।