नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने प्राथमिक शिक्षा, शिक्षक और विद्यालयों से संबंधित पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से उठाई जा रही विभिन्न समस्याओं के समाधान न होने पर सरकार और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर रोष प्रकट किया है। संघ ने कहा कि 20 सितंबर तक मांगें न मानीं तो 21 को शिमला में सांकेतिक धरना देंगे। एक संयुक्त पत्रकार वार्ता में संघ के प्रदेश महासचिव संजय पीसी, जिला कांगड़ा के अध्यक्ष अनिल भाटिया और अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में जेबीटी अध्यापकों के लगभग 4,000 पद खाली चल रहे थे। इनमें जिला कांगड़ा में लगभग 700 पद खाली थे।
पिछले महीने प्रदेश में कुल रिक्त 4,000 पदों में से मात्र 1,100 के आसपास ही पद भरे गए और जिला कांगड़ा में कुल रिक्त 700 पदों में से मात्र 164 पद ही भरे गए, जो कि बिलकुल ही नाकाफी हैं। उन्होंने कहा कि जिन प्राथमिक पाठशालाओं में 20 से कम छात्र संख्या हैं, वहां दूसरे शिक्षक के रिक्त पद को भी नहीं भरा जा रहा है। परिणाम स्वरूप प्री प्राइमरी की कक्षाओं को मिलाकर एक अध्यापक को आठ कक्षाओं का शिक्षण कार्य करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त अन्य ऑनलाइन कार्य भी करने पड़ रहे हैं। वहीं उन्होंने खेल कैलेंडर में बार-बार बदलाव करने पर भी आपत्ति जताई।
उन्होंने अन्य मांगों में मुख्य शिक्षक पदोन्नति पर वेतन वृद्धि का लाभ नहीं दिए जाने, अभी हाल ही में विलय किए गए स्कूलों से मुख्य शिक्षक तथा केंद्र मुख्य शिक्षक के पद को अन्य पाठशाला में शिफ्ट न करने, प्राथमिक शिक्षक वर्ग की पदोन्नति सूचियां संबंधित जिला के उपनिदेशक स्तर पर पूर्व की भांति न करके निदेशालय में मंगवाकर लंबे समय तक लंबित रखने बारे, जेबीटी की नियुक्ति जिला के उपनिदेशक स्तर से नहीं करने बारे, सीएंडवी शिक्षकों की तर्ज पर 20 वर्ष तक एक ही पद पर कार्य करने के बाद भी विशेष वेतन वृद्धि प्रदान नहीं किए जाने, अनुबंध से नियमितीकरण पूर्व की भांति वर्ष में दो बार करना, 4-9-14 बहाल करना, 3 जनवरी, 2022 के बाद नियमित जेबीटी को हायर पे स्केल रुपए 37600 प्रदान करना, महंगाई भत्ते की लंबित किस्तों का भुगतान करना तथा वेतन आयोग के एरियर का एकमुश्त भुगतान करना आदि मांगें उठाईं। इस दौरान संघ के जिला महासचिव कुलदीप पठानिया सहित अन्य कार्यकारिणी सदस्य तथा जिला कांगड़ा के विभिन्न खंडों से प्रधान कमलजीत कांगड़ा, हरि ओम शर्मा पालमपुर, हरीश कुमार धीरा, सुरिंदर राणा नगरोटा बगवां, राहुल शर्मा धर्मशाला, गुरमीत महालेखाकार, महासचिव सुशील सिहोत्रा कांगड़ा, कोषाध्यक्ष सतीश कुमार नगरोटा बगवां, कमलजीत गुलेरिया, कुलदीप आनंद, अशोक, नरेंद्र डडवाल, अशोक रिन और मदन आदि उपस्थित रहे।