पालमपुर (कांगड़ा)। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर का पर्यटन गांव के लिए जमीन देने का मुद्दा अब विधानसभा सदन में उठा है। विधानसभा सत्र में अपने अभिभाषण में स्थानीय विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि करीब पिछले 45 साल में कृषि विवि पालमपुर प्रदेश के किसानों की आर्थिकी मजबूत कर रहा है। धान, गेहूं, मूली, शलजम, मक्की और मटर समेत कई फसलों को लेकर यहां पर हो रहे शोध से आज प्रदेश का किसान खुशहाल हो रहा है। इससे आए दिन उनकी आर्थिकी भी मजबूत हो रही है।
यही नहीं, अब विवि में प्राकृतिक खेती को लेकर शोध कार्य चल रहे हैं। सरकार ने अब पर्यटन गांव की जिद नहीं छोड़ी तो साफ है कि कृषि विवि के सारे शोध धरे के धरे रहे जाएंगे। जो प्रदेश के किसानों से एक बहुत अन्याय होगा। जबकि इसी विवि के छात्र आज प्रशासनिक क्षेत्र से लेकर निजी क्षेत्र में अपनी बुलंदी झंडे गाड़ रहे हैं, लेकिन अब यही छात्र विवि की जमीन पर्यटन गांव को देने पर सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर रहे हैं।
कृषि विवि पालमपुर की जमीन का मामला उन्होंने विस में उठाया है। ताकि विवि की जमीन पर्यटन गांव को न दी जाए। किसान और छात्र हित को देख प्रदेश सरकार को यह जमीन पर्यटन गांव को नहीं देनी चाहिए। अब सरकार देती है तो साफ है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार किसान विरोधी है। विस सदन में मुद्दा उठते ही सरकार के कृषि मंत्री ने भी इसका कड़ा संज्ञान लिया है।
विपिन सिंह परमार, विधायक सुलह