हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे, महामंत्र का जप करने
राजा का तालाब (कांगड़ा)। उपतहसील राजा का तालाब में मेष संक्रांति पर श्री हरिनाम संकीर्तन और हरि कथा का आयोजन किया गया। सुबह नगर-कीर्तन में श्री चैतन्य गौड़ीय मठ आचार्य त्रिदंडी स्वामी भक्ति विचार विष्णुजी के सानिध्य में कृष्ण महामंत्र के साथ अलख जगाई। सुबह 10 बजे भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक कथाओं से भक्तों को झूमने पर विवश कर दिया। महाराज ने बताया कि श्री चैतन्य महाप्रभु राधाकृष्ण का युगल अवतार हैं। कलियुग के जीवों पर दया करने के लिए श्री चैतन्य महाप्रभु ने हरि नाम संकीर्तन शुरू किया। महामंत्र का जप करने से व्यक्ति तमाम दुखों से निजात पाकर श्री कृष्णमय हो जाता है। इस मौके पर त्रिदंडी स्वामी भक्ति शोध जितेंद्रिय महाराज हैदराबाद, महावीर गोस्वामी महाराज दिल्ली, निरी महाराज असम, अरण्य महाराज मथुरा, परमहंस महाराज पठानकोट सहित विभिन्न स्थानों से अन्य 25 महात्माओं ने श्रीकृष्ण लीलाओं का व्याख्यान किया। संवाद