देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। धरोहर गांव गरली परागपुर को शीघ्र सीवरेज सुविधा से जोड़ने के लिए जलशक्ति विभाग ने तैयारी कर ली है। विभाग ने इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन दोनों कस्बों में सीवरेज सिस्टम के लिए 19 करोड़ 73 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित ठेकेदार को दो साल के भीतर इस कार्य को पूरा करना होगा। गरली-परागपुर के अलावा नाहन नगरोटा गांव को भी सीवरेज सुविधा से जोड़ने की योजना है। जसवां परागपुर विस क्षेत्र के तहत धरोहर गांव गरली, परागपुर और नाहन नगरोटा पहले कस्बे होंगे, जिन्हें सीवरेज सिस्टम से जोड़ा जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक धरोहर गांव परागपुर में इस समय करीब 1100 के करीब दुकानें, घर और व्यावसायिक परिसर हैं जबकि गरली और नाहन नगरोटा में यह संख्या करीब 1600 है। जलशक्ति विभाग का कहना है कि इन गांवों में सीवरेज सुविधा की योजना बनाते समय अगले 50 साल का ध्यान रखा गया है। इसलिए सीवरेज के लिए बिछाई जाने वाली पाइप लाइन की मोटाई को भविष्य में बढ़ने वाली आबादी और सिस्टम पर पड़ने वाले बोझ को देखकर तय की गई है। जल शक्ति विभाग का कहना है कि यहां की भौगोलिक स्थिति अन्य इलाकों से भिन्न है। इसलिए इस सीवरेज सिस्टम को बनाने के लिए नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार गांव बाग, अपर परागपुर और पुली के निकटवर्ती इलाकों की सीवरेज परागपुर स्कूल के निकट बनने वाले टैंक में एकत्रित होगी। फिर यहां से मोटर के जरिये लिफ्ट करके नक्की खड्ड में बनने वाले एक बड़े टैंक तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद इसे मोटर के जरिये ही नाहन नगरोटा के साथ लगते क्षेत्र अणुए दा भराह नामक स्थान पर बनने जा रहे सीवरेज प्लांट में डाला जाएगा। जलशक्ति विभाग के अधिशासी सुमेश धीमान ने कहा कि गरली-परागपुर और नाहन नगरोटा के लिए सीवरेज सिस्टम स्थापित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने पर इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।