फतेहपुर (कांगड़ा)। महाराणा प्रताप सागर झील में कतला, रोहू, मोरी और ग्रास कार्प मछली प्रजातियों का बीज डाला जा रहा है, जिसका साइज 70 एमएम से ऊपर का है। मत्स्य विभाग के निदेशक विवेक चंदेल ने बताया कि पौंग झील में इस वर्ष कुल 65 लाख मछली का बीज डाला जा रहा है। कतला प्रजाति का 30 लाख, रोहू प्रजाति का 20 लाख, मोरी प्रजाति का पांच लाख और ग्रास कार्प प्रजाति का कुल 10 लाख बीज डाला जा रहा है।
अभी तक कतला मछली का 3,49,929, रोहू का 6,43,680, मोरी मछली का 1,74,484 और ग्रास कार्प मछली का 7,62,770 बीज डाला जा चुका है। पौंग जलाशय के सिहाल नामक स्थान पर विभाग की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक डॉ. राकेश कुमार, स्थानीय मत्स्य सहकारी सभा के सदस्यों, मछुआरों, जनप्रतिनिधियों, मत्स्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मछलियों को डाला जा रहा है। इसके अतिरिक्त बचे हुए बीज का संग्रहण भी जल्द ही पौंग जलाशय के उपयुक्त स्थानों पर कर दिया जाएगा।