देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। क्रिप्टो करंसी में निवेश के नाम पर ठगी मामले में नया मोड़ आ गया है। इससे जांच में देरी की संभावना भी जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार जिन लोगों ने थाना देहरा में निवेशकों के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज करवाया था उनमें से अधिकतर लोगों ने मुकद्दमा वापस लेने के लिए थाना देहरा में अर्जी दी है।
अर्जी देते समय अधिकतर लोग वकीलों के साथ पहुंचे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन का कहना है कि मुकद्दमा दर्ज होने के बाद एफआईआर हाईकोर्ट के फैसले से ही रद्द हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक देहरा क्षेत्र के जिन लोगों के नाम एफआईआर में हैं, उनके शिकायतकर्ताओं के साथ कोई न कोई रिश्तेदारी है। इसलिए उन पर दबाव है कि एफआईआर से स्थानीय आरोपियों के नाम हटाए जाएं और क्रिप्टो करंसी मामले में मुख्य आरोपियों पर पुलिस शिकंजा कसे जो मंडी और मेरठ से संबंध रखते हैं। पुलिस ने वीरवार को 10 लोगों की शिकायत मिलने के बाद दस आरोपियों के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज किया था। इनमें सुभाष शर्मा और सुखदेव ठाकुर निवासी मंडी, अभिषेक शर्मा निवासी ऊना, मिलन गर्ग निवासी मेरठ (यूपी), संजय ठाकुर, रंजीत सिंह, कश्मीर सिंह, दिनेश कुमार, सलीम और विपिन कुमार सभी निवासी देहरा के नाम शामिल हैं। लेकिन अब शिकायतकर्ताओं ने पुलिस थाना देहरा में अर्जी देकर स्थानीय लोगों के नाम एफआईआर से हटाने की मांग की है। उधर, इस मामले में एएसपी कांगड़ा बीर बहादुर ने बताया कि पुलिस के पास शिकायतकर्ताओं ने अर्जी दी है कि कुछ आरोपियों के नाम एफआईआर से हटा दिए जाएं। उन्होंने कहा कि पुलिस कानून के तहत कार्रवाई करेगी।