धर्मशाला। जंगली जानवरों और बेसहारा पशुओं से किसानों को दिलाया छटकारा दिलाया जाए। यह मांग हिमाचल किसान सभा कांगड़ा की ओर से जिलाधीश के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कही। इस दौरान महासचिव सतपाल सिंह, प्रताप सिंह, एसके कपूर, हेमराज, बलवंत सिंह, धनवीर सिंह, राजकुमार, संजय कुमार, सुरेश कुमार और महेंद्र सिंह आदि शामिल रहे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता 90 फीसदी गांव में रहती है और 70 फीसदी का मुख्य व्यवसाय या आजीविका कृषि और बागवानी है।
प्राकृतिक आपदाओं और मंडियों की मार के अलावा किसानों की पैदावार और आजीविका को नुकसान पहुंचाते हैं, वे जंगली जानवर तथा बेसहारा पशु हैं। प्रदेश में अब तक किसानों ने दो लाख हेक्टेयर भूमि पर फसल लगाना छोड़ दिया है, जिसमें पैदावार का न्यूनतम अनुमानित मूल्य 500 से 600 करोड़ का नुकसान प्रदेश के किसानों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने प्रदेश सरकार से उम्मीद जताई है कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों और मांगों का निपटारा शीघ्र किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।