मैक्लोडगंज (कांगड़ा)। पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज में जाम की समस्या के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह शहर देश और विदेश के पर्यटकों की पहली पसंद है। पर्यटक धर्मशाला भ्रमण के दौरान मैक्लोडगंज का रुख करना नहीं भूलते। सूचना बोर्ड और जानकारी के अभाव में वाहन चालक वनवे में वाहन ले जाते हैं, जिससे जाम लगना आम बात हो गई। ऐसे ही हालात इन दिनों मैक्लोडगंज में दलाईलामा बौद्ध मठ मार्ग के हैं। यहां पर्यटक वनवे में वाहन ले जाते हैं और जाम की समस्या पैदा हो जाती है।
स्थानीय लोगों वीरेंद्र शर्मा, राहुल पठानिया, सुरेश कुमार और प्रदीप सिंह का कहना है कि इस मार्ग को करमू मोड़ से वाहनों के लिए वनवे किया गया है। इसके बावजूद पर्यटक शार्टकट के चक्कर और जानकारी के अभाव में वनवे में वाहन ले जाते हैं। इससे डोलमा चौक से आने वाली गाड़ियां जाम में फंस जाती हैं और घंटों वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि दलाई लामा बौद्ध मठ के पास प्रशासन को वनवे का बोर्ड लगाना चाहिए। लोगों का कहना है कि दलाईलामा बौद्ध मठ में निजी गाड़ियों और टैक्सियों का जमावड़ा भी कहीं न कहीं जाम का कारण बनता है। ऐसे में लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि एक पुलिस जवान या होमगार्ड का जवान यहां पर ट्रैफिक को सुचारू करने के लिए तैनात किया जाए।
दलाई लामा मंदिर के बाहर एक साइन बोर्ड लगना जरूरी है जिस कारण बहारी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को जानकारी के अभाव में समस्या का सामना न करना पड़े। साइन बोर्ड के साथ यहां पर एक पुलिसकर्मी की तैनाती भी जरूरी।
राहुल धीमान
अध्यक्ष, स्मार्ट सिटी होटल रेस्टोरेंट एसोसिएशन मैक्लोडगंज
कर्मो मोड़ पर ही एक पुलिसकर्मी तैनात किया जाए, जिससे बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक दलाईलामा मंदिर रोड का रुख न करें। अकसर पर्यटक गूगल मैप के जरिए इस रोड से ऊपर आ जाते हैं।
नरेंद्र पठानिया, अध्यक्ष व्यापार मंडल मैकलोडगंज
सूचना बोर्ड न होने के कारण यह समस्या ज्यादा बढ़ रही है। अगर दलाई लामा मंदिर के बाहर वनवे का साइन बोर्ड लगा हो तो बाहर के राज्यों से आने वाले पर्यटकों को समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
लवली कुमार, समाजसेवी, मैक्लोडगंज
दलाईलामा मंदिर रोड से मैकलोडगंज की ओर आने वाली गाड़ियां जाम में फंस जाती हैं। आए दिन यहां पर लंबे समय तक जाम लग जाता है। पुलिस प्रशासन को मंदिर के पास एक पुलिसकर्मी तैनात करना चाहिए। साथ ही साइन बोर्ड भी होना बहुत जरूरी है।
पम्मा ठाकुर, होटल व्यवसायी, मैक्लोडगंज